
Remedies to get Grace of Goddess Lakshmi लक्ष्मी प्राप्ति के प्रयोग
Goddess Lakshmi is considered the goddess of wealth. There is never any shortage of money in the life of a person who is blessed by her. At the same time, man gets happiness, peace and prosperity.
सप्त श्री का चमत्कारी प्रयोग
दीपावली के दिन बही – खाते के पूजन के समय बही – खाते में उपरोक्त क्रममें लाल रंग की कलम य पेन से श्री लिखे । पहले एक बार श्री लिखे , फिर दो बार श्री श्री लिखे , फिर तीन बार श्री श्री श्री इस प्रकार क्रम को बढाते जाए आखीर में सात बार श्री श्री श्री श्री श्री श्री श्री लिखे , सप्तश्री के नीचे अपने ईष्ट का नाम लिखे या ॐ श्रीं लक्ष्मी दैव्ये नमः लिखे । फिर धुप – दीप , पुष्प आदि से उसका पूजन करें ।
उक्त प्रयोग करने से आनेवाला नया वर्ष व्यवसाय में आर्थिक द्रष्टि से सुख समृद्धि लेकर आयेगा और अत्याधिक लाभदायक रहेगा ।
जिन लोगों के पास लक्ष्मी ( धन ) स्थिर नहीं रहता लक्ष्मी आने से पूर्व जाने को तत्पर होती हैं । उन्हें अपनी जेब में या मनीपर्स में एक स्फेद कागज पर उपरोक्त तरीके से श्री लिख कर रखना चाहिए । सप्त श्री लिखने से लक्ष्मी लम्बे समय तक स्थिर रहने के योग बनते हैं वह नये स्रोत से धन लाभ के भी प्रबल योग बनते हैं । ( अष्टगंध की स्याही बनाकर अनार की कलम से लिखना अति उत्तम रहता हैं । )

उक्त तरीके से सप्त श्री को अपनी अलमारी , गल्ला ( कैश बोक्श ) या धन रखने के स्थान पर कुमकुम या अष्टगंध से अपने दाहीने हाथ की अनामिका उंगली से लिखने पर भी यह अत्याधिक लाभप्रद रहता हैं ।
उक्त तरीके से सप्त श्री को चांदि या सोने के पत्तर पर यंत्र स्वरूप भी बनाया सकता हैं । तांबे चांदी के पत्तर में बनाते समय ध्यान रखे की पत्तर की सतह पर श्री उपर की ओर उभरी हुई हो , नीचे की ओर खुदी हुई न हों ।
देवी महालक्ष्मी के 18 पुत्र वर्ग की महिमा
धर्म शास्त्रों के मतानुसार देवी महालक्ष्मी के 18 पुत्रवर्ग का उल्लेख वर्णित हैं ।
विद्वानों का अनुभव हैं की आर्थिक उन्नति एवं स्थिरता के लिए , देवी महालक्ष्मी के इन नामो का स्मरण एवं प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से धन लाभ अवश्य होता हैं ।
मंत्र जप का शुभारंभ धनतेरस , दीपावली , अक्षय तृतिया इत्यादि शुभ मुहूर्त या किसी भी शुक्रवार से करें । उस दिन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्त होकर देवी महालक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र के सामने शुद्ध घी का दीप प्रज्वलित करके मंत्र का जप प्रारंभ करें । इस दौरान देवी से अपनी आर्थिक स्थिती में सुधार के लिए कामना करें ।
मां लक्ष्मी के 18 पुत्र के नाम क्रमश : इस प्रकार हैं ।
- ॐ देवसखाय नमः ।
- ॐ चिक्लीताय नमः ।
- ॐ आनन्दाय नमः ।
- ॐ कर्दमाय नमः ।
- ॐ श्रीप्रदाय नमः ।
- ॐ जातवेदाय नमः ।
- ॐ अनुरागाय नमः ।
- ॐ सम्वादाय नमः ।
- ॐ विजयाय नमः ।
- ॐ वल्लभाय नमः ।
- ॐ मदाय नमः ।
- ॐ हर्षाय नमः ।
- ॐ बलाय नमः ।
- ॐ तेजसे नमः |
- ॐ दमकाय नमः |
- ॐ सलिलाय नमः ।
- ॐ गुग्गुलाय नमः ।
- ॐ कुरुण्टकाय नमः ।
कुबेर जी के छः नामों का चमत्कार
1.वैश्रवण 2.पक्वाश 3.पिंगल 4.विविध 5.वित्तेश 6.कुबेर
आदि गुरु शंकराचार्यजी के अनुसार उक्त छः नामों को ;(1.हाथों में स्वर्ण से भरे कलश , 2.बड़ी तोंदवाले 3.स्वर्ण की आभा युक्त , 4.विविध रत्नों आभुषण से दीप्तिमान , 5.नौ निधियों से प्रकाशित दुर्लभ रत्नों से निर्मित कमल आसन पर , 6.वटवृक्ष के नीचे विराजमान धन के अधिपति कुबेरजी) का ध्यान करते हुए जप पूजन इत्यादि करना चाहिए ।
कुबेर जी के उक्त 6 नामों का जप – हवन करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती हैं ।
सुख समृद्धि , लक्ष्मी प्राप्ति तथा ऋणमुक्ति के लिए घी व खीर का हवन करना चाहिए |
घी के साथ तिलों से हवन करने से ऋण मुक्ति होती है ।
घी के साथ बिल्व से हवन करने से अक्षत धन – सम्पत्ति की प्राप्ति होती है ।
BOOK A PUJA Mahalakshmi Puja for Economic Prosperity
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